Skip to main content

Posts

समाज

समझदार और जिम्मेदार होता जो वही होता है एक सभ्य समाज सुना तो बहुत है मैंने इसका पर देखा नहीं, न कल, न आज । नाम तो भारी है इसका काफी शायद होगा भी कुछ ऐसा ही समाज पर अक्ल के अंधे ही मिले आज तक जो करते हैं, हमारा समाज, तुम्हारा समाज । वो आकाश की शादी में सुना था जो लोग थे , वही था समाज पर ये तो भूखे थे, जो खाने आये थे और ये भूख तो कल भी थे, और है आज । कुलदीप का भाई मरा था, तब आने वाला था एक समाज दो लोग दिखे मुझे वहां जो कल तक न दिखे, न दिखे आज । आशु के पिताजी बीमार थे, तब सुना था आयेगा समाज पर दो चार लोग ही थे वो तो कल तक तो थे नहीं, पता नहीं कहाँ से आये आज । ललित का ब्याह रचाया था तब आया था बहुत बड़ा समाज पर घर में कलह आज तक होती है पर ब्याह के बाद कभी न दिखा वो समाज । कहने को तो लाला मास्टर थे वो बताते थे, ये समाज वो समाज अरे लाला जी, क्या फायदा हुआ आपकी पढ़ाई का जो आप भी करते हो फालतू बात आज । कविता की शादी की थी जब तब भी दिखा था समाज वो दहेज के चक्कर में मारी गयी जख्म तो किसको लगा पता नहीं, पर दो आंसू दिखा गया कोई आज । अपने बच्चों का होश नहीं कि...

ICU

She was roaming out in the hall from last 6 hours. She was there from last two months and almost everyone knew her. She hadn't slept for last 30 hours. Nurse asked her to take a nap while the operation was proceeding but she refuse to do so. From last 4 and half hours she was waiting doctor to come out. "How's he ?" She asked while expecting positive words from doctor when doctor came out. "Sorry, He won't make it for long. You can meet him but you have to be strong and patient with him." Doctor said. She entered the ICU. Nurse left as she entered. Now there were only two of them. She had never been to ICU so it was quite difficult for her to someone she loved on the bed with nebulizer and cannula. "Hello Brother!" she said. "Hey! Dida (sister)" he replied and she smiled. "Shall I call it Broda ? I'm your brother and you are my Dida (sister), together we make Bro-Da. How's it ?" he asked. ...

अनकही कहानी

भले ही एक आंगन में नहीं पले थे पर हमेशा हाथ पकड़ कर चले थे साथ तो बचपन से था कुछ बनना ही था दोनों का सपना जितना करीब घर था उतना करीब दिल भी था अपना । याद होगा तुझे भी कितना साथ रहते थे कुछ भी होता तो बस एक दूसरे से कहते थे इतने साल बाद तुझमें एकदम से इतना बदलाव कैसे आया सच कहूं तो मैं ये बिल्कुल नहीं समझ पाया आज तक तो हमने कुछ नहीं था छुपाया पर देख तूने इतना कुछ किया फिर भी मैन तुझे कुछ नहीं बताया ठीक या खराब  था जब सब कहा नहीं कुछ मैंने न तूने तब फिर क्यों तूने ऐसा किया जहां मुझे जरूरत थी वहीं छोड़ दिया अगर इतना ही जीतना था तुझे कह देता एक बार मुझे खुद को तो हार ही जाता और ये दुनिया भी जीत कर देता तुझे । गम इस बात का नहीं है कि शायद कोई और मिल गया होगा तुझे बस इसीलिए अब मेरी जरूरत नहीं थी तुझे पर हाँ, उम्मीद नहीं थी मुझे किसी ऐसे मोड़ पर तू हारेगा पर सोचा न था कि तू मरेगा और मुझे भी मारेगा । बात ही कुछ ऐसी थी कि मैं कह नहीं सकता और तू समझ नहीं सकता क्योंकि कुछ ऐसा था अपने बीच क्या था तू , कौन था तू ये कभी मैं जान न पाया इतना प्यार किया फिर ...

टुकड़ा

  तुझे तो शायद याद नहीं होगा  क्योंकि उन दिनों तू बहुत छोटा हुआ करता था  पर जब तू धीरे धीरे बड़ा हो रहा था  ठीक उसी समय तुझसे अलग हुआ एक टुकड़ा हूँ मैं । तेरा खयाल तो मां रख लेती थी क्योंकि तू उनका हिस्सा था पर तूने कभी ध्यान ही नहीं दिया मुझ पर  क्योंकि तुझे तो शायद पता भी न होगा कब तेरे बड़े होते होते मैं टूट गया तुझसे तू बहुत छोटा हुआ करता था न उन दिनों तो इसीलिए शायद तू भूल गया होगा   कि तुझसे ही अलग हुआ तेरा ही एक टुकड़ा हूँ मैं । हालांकि तूने कभी ध्यान नहीं दिया  न मुझ पर न उन खिलौनों पर जो पिताजी ने तुझे तोहफ़े में दिए थे  जानते हुए की भूल जाएगा इस टुकड़े को तुझे भुलाने के यत्न तो मैंने भी बहुत किये थे  मेरा तो जीना तुझसे था सीसीलिये तू मुझे याद था  और मैं तेरा कुछ था नहीं इसीलिए भूल गया तू की तुझसे ही अलग हुआ तेरा ही एक टुकड़ा हूँ मैं तेरे पास तो पिताजी भी तो थे  मेरा तो कोई न था तेरे सिवा पर जैसा तू उनका था  वैसा मैं कभी तेरा न था  तरसा नहीं ना प्यार के लिए तू  शायद इसीलिए भूल गया होगा  कि तुझसे अलग हुए तेरा ही एक टुकड़ा हूँ मैं । खिलौने तो बहुत जोड़े थे तूने उनमें से बहुत से तो खुद तो...

बस ! दिल नहीं मानता !

छोटी सी उम्र से सपने पाले थे बड़े बड़े और हार जाता था मैं यूँ ही कभी कभी खड़े खड़े बिना सोचे समझे दौड़ रहा था इसीलिए जल्दी था हांफता कल क्या होने वाला है ये मैं तो क्या , कोई और भी नहीं था जानता सोचा सब छोड़ कर भाग जाऊं पर क्या करूँ , ये दिल नही मानता । संघर्ष सभी को करना है एक दिन ऐसे ही मरना है क्यों न ज़िन्दगी ऐसी बनाई जाए कि जीने में भी मज़ा आए क्या करना है , कैसे करना है ये फिलहाल तो मैं नहीं जानता और कल क्या होने वाला है ये मैं तो क्या , कोई और भी नहीं था जानता सोचा सब छोड़ कर भाग जाऊं पर क्या करूँ , ये दिल नही मानता । पिताजी भी तो लड़े थे कुछ भी नहीं था घर में फिर भी आगे बढ़े थे उम्र बढ़ रही थी उनकी पर सपने अभी भी बड़े थे क्योंकि उन्हें भरोसा था कि उनके बच्चे उनके लिए खड़े थे पर कल क्या होने वाला है ये मैं तो क्या , कोई और भी नहीं था जानता सोचा सब छोड़ कर भाग जाऊं पर क्या करूँ , ये दिल नही मानता । माँ भी तो लड़ी थी हर कदम पर पिताजी के साथ खड़ी थी अपने सपनों को दाँव लगाकर सब परिवार के लिए लड़ी थी उम्र में भले ही पिताजी से छोटी थी पर फिर भी उनके बराबर बढ़ी थी ...

नहीं ! नहीं !

हज़ारों ख्वाहिशें थी मेरे भी दिल में पर मैंने कभी बताया नहीं, क्योंकि जब मैं लड़ रहा था मुसीबतों से तब किसी ने हाथ मुझे थमाया नहीं । जरूरत थी मुझे हर रोज़ किसी न किसी की पर किसी ने मुझे कभी अपनाया नहीं, सिसक सिसक कर रो रहा था मैं पर किसी ने मुझे सहलाया नहीं । तमाशा देखने को तो यूँ हज़ारों लोग आ गए थे पर किसी ने मुझे संभाला नहीं भीड़ में खड़े वो भी देख रहे थे मेरी बर्बादी जिनसे मैंने कभी मुँह फिराया नहीं । सोचा था प्यार करेगा मुझे भी कोई पर भीड़ में किसी ने मुझे देखा ही नहीं, क्योंकि कोई और था वहां जो अहसान गिना रहा था पर मैंने तो कभी अहसान जताया ही नहीं । डूब रहा था मैं, और देख रहे थे वो सब पर किसी ने मुझे बचाया नहीं, क्या ही उम्मीद कर रहा था मैं उनसे जिन्होंने कभी मुझे अपना बताया ही नहीं । अपनी खुशियाँ रख दी थी किनारे क्योंकि कभी किसी को रुलाया नहीं, और वो कम्भख्त ऐसे निकले कि वक्त आने पर अपनाया ही नहीं । ___________________________________________ PS : first posted on my facebook account.

DEATH : A FEAR

It takes a lot to show courage when you are helpless. Death is the ultimate stage for us.  We don't know what will happen after this and the same might be the reason for the fear of people have of it.  No one wants to die.  Each and every religion, mythology or person has some belief that we have to pay for our sins after death. We'll be punished for the wrongs we have done during our life.  Neither people know what the punishment is nor do they know if such  a thing exists, but it still frightens them. All that is belief. If you have seen Game of Thrones then in the first season a character named Syrio Forel tells Arya Stark 'there is only one god, Death, and whenever it comes we say NOT TODAY.' No matter what your religion is, who you are,  death will come to you and your answer will be the same for death. There are some people who are not afraid of death.  They enjoy what they have. Happiness is always around such people. They never compla...